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'सेशेल्स और भारत दोनों एक ऐसी दुनिया चाहते हैं, जहां विकास अधिक समावेशी हो', विक्टोरिया की संसद में बोले पीएम मोदी

 Reported By: Devendra Parashar Edited By: Dhyanendra Chauhan
 Published : Jun 28, 2026 04:20 pm IST,  Updated : Jun 28, 2026 09:11 pm IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेशेल्स की संसद को संबोधित करते हुए कहा कि हिंद महासागर भारत और सेशेल्स को अलग नहीं करता, जोड़ता है। दोनों देशों के बीच का रिश्ता कई साल पुराना है।

सेशेल्स की संसद को संबोधित कर रहे पीएम मोदी- India TV Hindi
सेशेल्स की संसद को संबोधित कर रहे पीएम मोदी Image Source : DOOR DARSHAN

विक्टोरिया: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेशेल्स की संसद को संबोधित किया। पीएम मोदी ने कहा, 'इस नेशनल असेंबली को संबोधित करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री के तौर पर आपके सामने खड़ा होना मेरे लिए एक खास सम्मान की बात है। मैं अपने साथ भारत के 1.4 अरब लोगों की ओर से गर्मजोशी भरी शुभकामनाएं और बधाई लेकर आया हूं। प्रधानमंत्री के तौर पर हिंद महासागर क्षेत्र में मैंने जिस पहले देश का दौरा किया था, वह 2015 में सेशेल्स ही था। हिंद महासागर हमारा साझा घर है। सेशेल्स और भारत दोनों एक ऐसी दुनिया चाहते हैं, जहां विकास अधिक समावेशी हो।'

इसके साथ ही पीएम मोदी ने कहा, 'मैं यहां इसलिए आया क्योंकि मेरा मानना ​​है कि हिंद महासागर के लिए भारत के विजन में सेशेल्स की एक खास जगह है। एक दशक बाद जब मैं यहां वापस आया हूं, तो मेरा यह विश्वास पहले से कहीं ज़्यादा मज़बूत हुआ है। आपकी आजादी के 50 साल पूरे होने के जश्न में आपके साथ शामिल होकर मुझे बहुत खुशी हो रही है।'

हम पुराने दोस्तों की तरह हैं मिलतें

सेशेल्स की संसद को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगे कहा, 'हमारी दोस्ती 50 साल पहले हमारे राजनयिक संबंध बनने के साथ शुरू नहीं हुई थी। यह उससे कहीं पहले, अगस्त 1770 में शुरू हुई थी। सेंट ऐनी द्वीप पर 'थेलेमाक' (Thélemaque) जहाज से आए लोगों में पांच भारतीय भी शामिल थे। उस यात्रा ने बाद में आने वाले कई लोगों के लिए रास्ता दिखाया। समय के साथ, उनकी कहानियाँ आधुनिक सेशेल्स की कहानी का हिस्सा बन गईं।' 

हिंद महासागर भारत और सेशेल्स को अलग नहीं करता, जोड़ता है 

पीएम मोदी ने कहा, 'यह हमें याद दिलाता है कि हमारे बीच के रिश्ते सरकारों ने नहीं बनाए थे। ये रिश्ते लोगों ने बनाए, परिवारों ने इन्हें संवारा और पीढ़ियों ने इन्हें कायम रखा। हिंद महासागर ने इसे मुमकिन बनाया। हिंद महासागर भारत और सेशेल्स को अलग नहीं करता, बल्कि हमें जोड़ता है। इसीलिए हम अजनबियों की तरह नहीं, बल्कि पुराने दोस्तों की तरह मिलते हैं।'

इसके पहले कई देशों की संसद को संबोधित कर चुके पीएम मोदी

यह 20वीं संसद है, जिसे पीएम मोदी संबोधित कर रहे हैं। 2014 में प्रधानमंत्री का पद संभालने के तुरंत बाद पीएम मोदी ने भूटान, नेपाल, ऑस्ट्रेलिया और फ़िजी की संसदों को संबोधित किया। अगले साल, उन्होंने मॉरीशस की नेशनल असेंबली और श्रीलंका, मंगोलिया, यूनाइटेड किंगडम और अफ़गानिस्तान की संसदों को संबोधित किया। 

2016 में अमेरिकी संसद को किया था संबोधित

यह सिलसिला 2016 में प्रधानमंत्री मोदी के अमेरिकी कांग्रेस को संबोधन के साथ जारी रहा और फिर 2023 में उन्होंने दोबारा संबोधन दिया, जिससे वे अमेरिकी कांग्रेस के संयुक्त सत्र को दो बार संबोधित करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बन गए।

2024 में गुयाना की संसद को किया संबोधित

इन अहम दौरों के बीच उन्होंने 2018 में युगांडा, 2019 में मालदीव और 2024 में गुयाना की संसदों को भी संबोधित किया। यह सिलसिला 2025 में और आगे बढ़ा, जब प्रधानमंत्री मोदी ने जुलाई में अपनी यात्राओं के दौरान घाना, त्रिनिदाद और टोबैगो और नामीबिया की राष्ट्रीय संसदों को संबोधित किया। इसके बाद दिसंबर में इथियोपियाई संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित किया। इससे अफ्रीका और ग्लोबल साउथ के साथ भारत के गहरे होते संबंधों का पता चलता है।

इस साल की शुरुआत में 25 फरवरी 2026 को, पीएम मोदी ने यरूशलेम की अपनी राजकीय यात्रा के दौरान इज़राइल की संसद, 'नेसेट' को संबोधित करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बनकर इतिहास रचा।

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